भगवान कुबेर कौन हैं?
भगवान कुबेर धन, समृद्धि और संपत्ति के देवता हैं। वे देवताओं के कोषाध्यक्ष और यक्षों के स्वामी माने जाते हैं। भगवान कुबेर की पूजा करने से धन की प्राप्ति, व्यापार में वृद्धि और वित्तीय स्थिरता मिलती है।
भगवान कुबेर का स्वरूप
- उनका शरीर भारी और स्थूल होता है, जो धन और समृद्धि का प्रतीक है।
- वे हाथों में गदा और रत्नों से भरा हुआ पात्र धारण करते हैं।
- उनका वाहन गधा या हाथी होता है, जो शक्ति और स्थिरता दर्शाता है।
- वे स्वर्ग में अलकापुरी के राजा हैं और धन के संरक्षक माने जाते हैं।
- वे भगवान शिव के परम भक्त हैं और रावण के सौतेले भाई भी कहे जाते हैं।
भगवान कुबेर की पूजा का महत्व
- धन, ऐश्वर्य और समृद्धि की प्राप्ति होती है।
- व्यापार और नौकरी में सफलता मिलती है।
- आर्थिक संकट और कर्ज से मुक्ति मिलती है।
- पारिवारिक सुख-शांति और वैभव बना रहता है।
- निवेश और बचत में वृद्धि होती है।
भगवान कुबेर की पूजा के लाभ
- व्यापार और करियर में प्रगति होती है।
- धन, वैभव और संपत्ति में बढ़ोतरी होती है।
- किसी भी प्रकार के वित्तीय संकट से मुक्ति मिलती है।
- सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि का संचार होता है।
कुबेर यंत्र क्या है?
कुबेर यंत्र भगवान कुबेर की दिव्य ऊर्जा से संचारित एक शक्तिशाली यंत्र है, जो धन, समृद्धि और वित्तीय स्थिरता को आकर्षित करता है। इसे घर, कार्यालय, तिजोरी या व्यापार स्थल में स्थापित किया जाता है।
कुबेर यंत्र के लाभ
- आर्थिक समृद्धि और धन प्राप्ति होती है।
- व्यापार में वृद्धि और सफलता मिलती है।
- निवेश में लाभ होता है।
- परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है।
- कर्ज और वित्तीय संकट से मुक्ति मिलती है।
- तिजोरी और व्यापार स्थल में धन का प्रवाह बढ़ता है।
कुबेर यंत्र की स्थापना और पूजा विधि
- इसे शुक्रवार या पूर्णिमा के दिन शुभ मुहूर्त में स्थापित करें।
- गंगाजल और केसर से शुद्ध करें और पीले या लाल वस्त्र पर रखें।
- यंत्र पर चंदन, केसर, धूप और दीप अर्पित करें।
- भगवान कुबेर के मंत्र का जाप करें –
ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धनधान्याधिपतये धनधान्य समृद्धिं मे देहि दापय स्वाहा। - प्रतिदिन इस यंत्र की पूजा करें और भगवान कुबेर का स्मरण करें।